OTP Full Form क्या है? ओटीपी से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में 2021

नमस्कार, दोस्तों आज के इस post में हम आपको बतायगे किसी तरह आप अपना कोई भी OTP Full Form क्या है? ओटीपी से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में 2021 आज की दुनिया डिजिटल हो गयी हैं। जिसके कारण लोग अपना हर काम घर बैठे ऑनलाइन करना ज्यादा पसंद करते हैं। चाहे online shopping करनी हो या फिर पैसों की online transaction करना हो। ऐसे में ऑनलाइन transaction करते समय का होना बहुत जरूरी हो जाता हैं

जब आप कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते है या इन्टरनेट बैंकिंग से किसी को पैसे ट्रान्सफर करते हैं। तो आपके द्वारा बैंक में दिए गए रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक code आता हैं। जिसे OTP कोड कहा जाता हैं।

दरअसल ओटीपी कोड आपके Registered Mobile Number में या आपके Email में भेजा जाता है ताकि इसे केवल आपके द्वारा ही सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सके! अक्सर Banking Fraud, ATM से पैसे चोरी या फिर Social Media Hacking इत्यादि का सबसे बड़ा कारण ओटीपी का लीक होना भी होता है

तो चलिए आगे बढते है और OTP Full Form क्या है? (OTP Kya Hai) और OTP Full Form क्या है?OTP Full Form क्या है?

OTP Full Form क्या है?

OTP Full Form: ओटीपी का Full Form One Time Password होता है! यह एक तरह का Security Code होता है जो 4 से 6 डिजिट का होता है! ओटीपी को आपके रजिस्टरड मोबाइल नंबर या रजिस्टर्ड ई मेल आईडी में भेजा जाता है!

OTP Meaning in Hindi: ओटीपी का हिंदी में फुल फॉर्म “एक बार इस्तेमाल किये जाने वाला पासवर्ड” होता है! One Time Password आपके किसी भी Online Account की सुरक्षा के लिए बहुत ज्यादा जरुरी होता है!

ओटीपी कोड क्या है?

OTP kya hai: ओटीपी कोड एक बार उपयोग किये जाने वाला Password होता है! ओटीपी कोड को आपके उस Mobile Number या E-Mail ID में भेजा जाता है, जिसे आपने उस Online Account को बनाते समय इस्तेमाल किया था! यह Online Account आपका किसी Bank में या किसी Shopping Website जैसे Amazon या Flipcart में हो सकता है!

इस One Time Password को आपके Registered Mobile Number में भेजने के बाद इसे इस्तेमाल करने की भी एक सिमित अवधि अर्थात Time Period होता है! आपको इस Time period के अंदर ही इस ओटीपी कोड को अपने Online Account में इस्तेमाल करना होता है!OTP Full Form क्या है?

उस Time Limit में Use नहीं कर पाने पर OTP कोड Expire हो जाता है, आपके उस Account में होने वाली Online Activity या किसी भी प्रकार की Online Transaction को भी तुरंत Cancel कर दिया जाता है!

जिससे यह जाहिर हो जाता है की या तो आप उस Online Account के Owner या मालिक नहीं है! या आपके Account का गलत इस्तेमाल हो रहा है! इसलिए ओटीपी कोड आपके Account में Online हो रही Activity को Secure करता है!

ओटीपी कोड 4 से लेकर 6 अंकों का होता है! One Time Password की इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य, आपके Registered Mobile Number या E-mail ID का रियल टाइम में Online Verification करना भी होता है!

ओटीपी कोड क्यों जरूरी है ?

कभी भी अगर आप किसी भी ATM पर अपना Debit Card & Credit Card यूज़ करते हैं, तो सही पिन डालकर ही आप ATM का उपयोग कर पाते हैं! अगर आप गलत pin डालेंगे तो आप ATM से पैसे नहीं निकल पाएंगे!

वैसे ही आप कोई Online Process कर रहे हैं और आपके मोबाईल में ओटीपी तो आया लेकिन आपने गलत ओटीपी का इस्तेमाल कर दिया! आपका process complete नहीं हो पायेगा! यहां पर यह बहुत ही जरूरी हो जाता है!

मैंने इससे पहले आपको बताया है ओटीपी कोड का मुख्य Aim आपकी Personal Details की सुरक्षा करना है! कभी अगर आपने जरुरी Documents में कुछ correction कर रहे हैं तब भी ओटीपी कोड बहुत जरूरी हो जाता है!

जैसे आप online process से अपने आधार कार्ड में कुछ बदलाव कर रहे हैं तो आधार कार्ड विभाग ओटीपी भेजकर verify करती है!

ओटीपी कोड का इस्तेमाल कहाँ होता है

  • ओटीपी कोड का अधिक इस्तेमाल Online Transaction में होता है!
  • जब भी हम कोई Mobile App या कोई भी Banking Mobile App Install करते हैं! तब भी ओटीपी का इस्तेमाल किया जाता है!
  • अगर E-mail Account किसी दूसरे डिवाइस पर Open किया जाता है! तब भी Google के जरिये ओटीपी कोड से Verification किया जाता है!
  • Digital Wallet जैसे- Paytm, PhonePey या Amazon Pay का इस्तेमाल करते समय भी ओटीपी कोड Use किया जाता है!

OTP का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

OTP को इस्तेमाल करने के बहुत सारे कारण है और इसे यूज करने का उद्देश्य भी अलग अलग है जैसे की किसी वेबसाइट या ऐप पर अपने नंबर या ईमेल आइडी को वेरीफाई करना या फिर Online पेमेंट को पूरा करने या टू स्टेप वेरीफिकेशन के लिए आदि।

1) डिजिटल पेमेंट 

आज के समय में बहुत से लोग Online शॉपिंग करते है या फिर उन्हे किसी न किसी कारण से ऑनलाइन पेमेंट तो करना ही पड़ता है, डिजिटल पेमेंट करने मे OTP का बड़ा योगदान है जब भी डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया जाता है तो बैंक एक OTP भेजता है जो की 6 अंकों का होता है, इस कोड को डालने के बाद ही पेमेंट पूरा होता है।

यदि बिना OTP डाले पेमेंट पूरा हो जाए तो धोखा धड़ी के मामले बड़ी तेजी से बढ़ेगे कोई भी व्यक्ति आपके कार्ड से पेमेंट कर देगा और आपको पता तक नहीं चलेगा। डिजिटल पेमेंट के अलावा भी बैंकिंग के अनेक काम होते है जिनमे ओटीपी के माध्यम से खुद को वेरीफाई करना होता है।

अपने एटीएम डेबिट कार्ड की जानकारी किसी को ना दे और ओटीपी कोड तो कभी किसी को ना बताए, ऐसे बहुत सारे केस है जिसमे लोग डेबिट कार्ड की वैलिडिटी बढ़ाने या फिर कोई स्कीम जीतने के चक्कर मे अपने एटीएम कार्ड की जानकारी दे देते है और उसके बाद ओटीपी कोड भी बता देते है और फ्रॉड के शिकार हो जाते है।

हमेशा याद रखे एटीएम कार्ड से आपको कोई पेमेंट नहीं कर सकता बल्कि आपके अकाउंट से पैसा निकाल सकता है, अकाउंट मे पैसे भेजने के लिए केवल अकाउंट नंबर और IFSC कोड की जरूरत पड़ती है।

2) Mobile नंबर या ईमेल आइडी वेरीफाई करके के लिए

आजकल OTP का इस्तेमाल खुद का मोबाईल नंबर या फिर ईमेल आइडी को वेरीफाई करने के लिए भी किया जाता है, जब आप ऑनलाइन कही फॉर्म भरते है या फिर उस कंपनी या संस्था का आपसे वापस कान्टैक्ट करना जरूरी होता है तो आपसे आपके मोबाईल नंबर या ईमेल आइडी वेरीफाई कारवाई जाती है जिससे आपको भविष्य मे कोई दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

3)  Spam को रोकने के लिए

इंटरनेट पर कोई भी कही भी अपना अकाउंट ओपन कर सकता है अब ऐसे मे जिस प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोला गया है उस प्लेटफॉर्म की ज़िम्मेदारी है की वहा कोई गलत काम ना हो जिससे किसी भी इंसान को नुकसान ना पहुचे।

सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति किसी के नाम से भी अकाउंट बना सकता है क्योंकि वहा आपसे किसी भी तरह की गवर्नमेंट आइडी प्रूफ नहीं मांगा जाता लेकिन वो प्लेटफॉर्म आपके मोबाईल नंबर या फिर ईमेल आइडी जरूर वेरीफाई करवाते है, क्योंकि मोबाईल नंबर से ये पता लगाया जा सकता है की इसे कौन इस्तेमाल कर रहा है।

इसके अलावा कई बार लोग केवल ऐसे ही मनोरंजन के लिए किसी प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बना लेते है और बाद मे उसे यूज नहीं करते जिससे उस प्लेटफॉर्म को नुकसान होता है इसलिए वो उस अकाउंट को मोबाईल नंबर के साथ OTP के द्वारा वेरीफाई करते है।

4) हैकिंग से बचने के लिए

इंटरनेट टेक्नॉलजी के बढ़ने से हैकर की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है हर रोज 1 मिलियन से ज्यादा वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट हेक होते है, अगर हम सोशल मीडिया की बात करे तो उनका प्लेटफॉर्म काफी सिक्योर होता है फिर भी यदि किसी यूज़र का अकाउंट हैक हो जाता है तो ज़्यादाकर उसमे गलती यूज़र की ही होती है।

सोशल मीडिया यूज़र अपने पासवर्ड बहुत सरल रखते है बहुत सी बार तो लोग अपने बच्चे, गर्लफ़्रेंड, बॉयफ्रेंड, अपना नाम या जन्म दिनांक को अपना पासवर्ड रख लेते है जिसका अनुमान लगाना हैकर के लिए काफी आसान रहता है, इसके अलावा भी यदि आपका पासवर्ड बिल्कुल सिम्पल है जिसमे केवल इंग्लिश के शब्द शामिल है तो भी आपके पासवर्ड का पता आसानी से चल जाता है।

इस तरह की हैकिंग से बचने के लिए टू स्टेप वेरीफिकेशन सिस्टम निकाला गया जिसमे यदि आपकी लॉगिन डीटेल किसी को पता भी चल जाती है तो भी वो लॉगिन नहीं कर पाएगा क्योंकि लॉगिन करने के लिए उसे OTP कोड लगाना पड़ेगा जो की रियल यूज़र के मोबाईल नंबर पर ही आएगा। यहा क्लिक करके जाने की Facebook अकाउंट सिक्युर कैसे करे।

ओटीपी कोड के फायदे क्या हैं

User Verified – ओटीपी कोड से वास्तविक यूजर की पहचान हो जाती है! आप कोई भी password बदल रहे हैं या फिर बैंक से जुड़े कोई भी प्रोसेस कर रहे हैं! तो उस वक्त आपके mobile number पर ही ओटीपी कोड आएगा जिससे आपकी जानकारी सुरक्षित रहेगी!

Fraud से बचना – जब भी हम कोई Online Bank से जुड़े process करते हैं, तब बैंक बिना Account Holder से पूछे कोई भी ओटीपी नहीं भेजता है! इस तरह Account Holder की पहचान की जाती है!

इससे Financial Transaction में हम ठगी के शिकार होने से बच जाते हैं!

Verified Fast – ओटीपी कोड के द्वारा यूजर की पहचान बहुत जल्दी हो जाती है! ओटीपी कोड को submit करने का समय fix होता है! आप दोबारा रिसेंड भी कर सकते हैं!

Device Lock – आपको अपने Personal ides किसी भी डिवाइस में open करने के लिए first ओटीपी कोड की आवश्यकता होगी! जिससे user की पहचान हो जाती है!

OTP कितने प्रकार के होते है?

टेक्नॉलजी के अंदर अलग अलग प्रकार होना स्वभाविक ही है तो ओटीपी के भी अलग अलग प्रकार है। ओटीपी मुख्य रूप से तीन प्रकार कि होती है तो चलिये जानते है OTP के इन सभी प्रकारों को

Message OTP –

इस प्रकार के ओटीपी आपको मैसेज के द्वारा भेजे जाते है, जो आपके मोबाइल नंबर पर एक मैसेज आता है जिसमें आपका 4 यां 6 अंको का OTP आता है इस मैसेज में आपको यह सलाह भी दी जाती है कि आप अपना ओत्प किसी के साथ शेयर ना करें। यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला ओटीपी का प्रकार है।

Call OTP –

इस प्रकार के OTP में आपको कॉल के द्वारा आपका One Time Password बताया जाता है। अगर आपके पास मैसेज के द्वारा ओटीपी नहीं आ पता है तो आप कॉल के द्वारा भी ओटीपी प्राप्त कर सकते है। Call OTP में कई बार कॉल किया जाता है जिसके बाद आपके बिना कॉल उठाए ही कुछ एप्लिकेशन ओटीपी प्राप्त कर लेती है। इस प्रकार के सिस्टम के लिए Trucaller अच्छा उदाहरण है।

Email OTP –

अगर आप किसी भी प्रकार के लेनदेन अथवा लॉग इन करने के लिए ईमेल आईडी का इस्तेमाल करते है तो आपके पास ओटीपी ईमेल के द्वारा भेजा जाता है। जिसे हम ईमेल ओटीपी भी बोलते है, ज़्यादातर प्रॉफेश्नल काम के लिए ईमेल ओटीपी का इस्तेमाल करते है परंतु कई बार ईमेल के द्वारा ही OTP verification करना होता है।

आपने OTP के Types के बारे में जान लिया है, आप अपने किसी भी काम के लिए ओटीपी कि जरूरत हो तो OTP कैसे प्राप्त करें इसके बारे में बता देते है।

ओटीपी कैसे प्राप्त करें?

OTP पाने का प्रोसैस काफी आसान है, आजकल लगभग सभी एप्प अथवा जहां पर ओटीपी कि जरूरत होती है अपने आप आपके मोबाइल पर आ जाता है। अगर आप भी किसी भी काम के लिए ओटीपी अपने ईमेल यां मोबाइल पर पाना चाहते है तो सबसे पहले आपके मोबाइल के अंदर जो सिम चल रही है उसी का नंबर दे ताकि उसपर आपका ओटीपी आए तो आपको पता चल सके।

ओटीपी प्राप्त करने के लिए सबसे पहले तो आपको जो इन्फॉर्मेशन मांगी जा रही हो उसे सही से देना होता है। उसके बाद आपने अपने मोबाइल नंबर यां ईमेल आईडी को देना है जिस पर आपने ओटीपी प्राप्त करना है सबमिट करने के बाद आपके पास One Time Password आ जाएगा। कई बार मैसेज बॉक्स फुल्ल होने के कारण यां किसी टेक्निकल कारण से ओटीपी न आए तो आप कॉल से ओटीपी प्राप्त कर सकते है।

One Time Password की जरूरत क्यों पड़ी

OTP कि जरूरत आपके खातों कि सुरक्षा को और ज्यादा कड़ी करने के लिए पड़ी थी। आज के समय में ऑनलाइन लेनदेन काफी ज्यादा बढ़ गया है जिस कारण हैकर भी काफी सक्रिय है। इस कारण आपके खाते से यां किसी भी अकाउंट से किसी प्रकार कि चोरी न हो यां चोरी करना काफी कठिन हो जाए इससके लिए ओटीपी कि जरूरत पड़ी थी।

आज के समय में हम सभी इंटरनेट पर कोई भी अकाउंट बनाते समय काफी सरल से पासवर्ड लगाते है जो हमें बड़ी आसानी से याद रह जाए। कई बार इस चीज का फायदा हैकर उठा लेते है क्योंकि ऐसे पासवर्ड को क्रेक करना काफी आसान हो जाता है। इन पासवर्ड को भेदकर कोई भी आसानी से हमारे किसी भी अकाउंट को एक्सैस कर सकता है।

इन सबको कम करने के लिए ओटीपी का उपयोग किया जाता है। आज हम अपने बैंक अकाउंट का कोड भी काफी आसान सा लगते है, वहीं आजकल हमारे पासवर्ड का किसी दोस्त यां जानकार को पता भी होता है। अतः उनके द्वारा भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

ओटीपी के कारण आपका यूजर नाम तथा पासवर्ड किसी के हाथ भी लग जाता है तो वह आपके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी के बिना उसका इस्तेमाल नहीं कर सकता है। सोचिए अगर ओटीपी न हो तो आपका Online Shoping वाली वैबसाइट का यूजर नाम पासवर्ड किसी को पता है उसने उसे Open करके शॉपिंग कि और पैसे दे दिये आपके कार्ड से। इस प्रकार कि चोरियों को रोकने के लिए OTP का सुझाव लाया गया था। सबसे पहले इसका इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षा कि जरूरत के लिए किया जाता था परंतु बाद में छोटे मोटे एप्लिकेशन से लेकर बड़े बैंक में भी इसका इस्तेमाल किए जाने लग गया।

OTP कैसे काम करता है?

ओटीपी के द्वारा काम करना हमें आसान लगता है यह उतना ही जटिल है। सबसे पहले यूजर के द्वारा अपनी जानकारी यां लॉग इन डिटेल तथा पासवर्ड को डाला जाता है जिसके बाद लॉग इन किया जाता है। लॉग इन करने के बाद यूजर का डाटा सर्वर पर जाता है जहां से अगर डाटा मैच होता है तो यूजर को प्रमाणित करने के लिए एक One Time Password Create किया जाता है।

इस पासवर्ड को यूजर तक मैसेज के जरिये भेजा जाता है क्योंकि ओटीपी भेजने का यह सबसे आसान तरीका है। अगर यूजर तक किसी प्रकार से ओटीपी मैसेज नहीं जाता है तो कॉल के द्वारा भेजने कि सुविषा भी रहती है। यूजर के पास कोड आने के बाद यूजर उस कोड को सही से डालकर सबमिट कर देता है तो यह कोड वापस सर्वर पर मैच होने के लिए जाता है।

अगर दोनों कोड मेच हो जाते है तो आपका अकाउंट खुल जाता है तथा प्रमाणित हो जाता है कि आप ही असली यूजर है। प्रमाणित न होने कि स्थिति में आप दुबारा कोशिश कर सकते है ज्यादा बार गलत ओटीपी डालने पर सर्वर एक दिन अथवा कुछ घंटो के लिए एसे ब्लॉक कर देता है जिससे कोई आपके अकाउंट में सेधमारी नहीं कर पाता है।

Conclusion / निष्कर्ष:

हम आशा करते है कि हमारे द्वारा OTP Full Form क्या है? ओटीपी से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में आपको पसंद आये होगे। अगर यह USSD Codes आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले। इसके बारे में अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं

Leave a Comment